श्री सुनील कुमार
प्राचार्य
संदेश
किसी छात्र के लिए परिवार के बाद विद्यालय दूसरा सबसे महत्वपूर्ण संस्थान है जो छात्र के व्यक्तित्व को आकार देता है, शिक्षित करता है और उसे बेहतर वैश्विक नागरिक के रूप में ढालता है। विद्यालयी शिक्षा की इस यात्रा में एनईपी 2020 ने केंद्रीय विद्यालयों को 5+3+3+4 पैटर्न के तहत 3 से 18 वर्ष की आयु के छात्रों को प्रशिक्षित करने का एक बड़ा काम सौंपा।
एनईपी 2020 की मुख्य विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, मेरा मानना है कि के वी को एस डी जी की प्राप्ति, एफ एल एन की उपलब्धि, वैज्ञानिक और तकनीकी मूल्यों को बढ़ावा देने और समग्र विकास के लिए एवं सीखने के सहयोगात्मक वातावरण की प्रतिपूर्ति के लिए एक अनुकूल व अच्छी तरह से सुसज्जित बुनियादी ढांचा प्रदान करना चाहिए।
विद्यालय ने छात्रों के एक विविध समूह की जरूरतों को पूरा करने, समावेशी शिक्षा, योग्यता-आधारित शिक्षण और अनुभवात्मक शिक्षा पर जोर देने की यात्रा शुरू की है।
मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि के वी क्रमांक 2 गोलकोंडा के छात्रों को शैक्षणिक, खेल, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों और सभी के वी एस फ्लैगशिप कार्यक्रमों में अभूतपूर्व अंक एवं स्थान प्राप्त हो।